है हकीकत या ख्वाब तनहाई
कौनसी है क़िताब तनहाई
भीड में पहनकर चली आए
ख़ामुशी का नक़ाब तनहाई
मिल न पाया जो आंखों में तेरे
दे रही है जवाब तनहाई
भूलता हूं उसे जरासा तो
मांगती है हिसाब तनहाई
उसके तेवर कभी न जान सका
आपसीं हैं जनाब तनहाई
- कुमार जावडेकर
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