रविवार, २६ मे, २०१९

बात करने दे मुझे

ग़म के साये में ख़ुशी की बात करने दे मुझे
आँधियों में रोशनी की बात करने दे मुझे

मुड़ के तूने देखा है तो अब जुटा के हौसला
मेरे दिल के बेबसी की बात करने दे मुझे

हम जिसे आधी-अधूरी समझें थे इक उम्र भर
उस मुकम्मल आशिक़ी की बात करने दे मुझे

हुस्न के तेरे हैं चर्चे सब के होठों पर यहाँ
उनसे तेरे सादगी की बात करने दे मुझे

उसने गर उम्मीद छोड़ी है विसाल-ए-यार की
उससे मेरे बंदगी की बात करने दे मुझे

बातों-बातों में है उलझी सारी दुनिया अब यहाँ
ख़ामोशी से ख़ामोशी की बात करने दे मुझे

कुमार जावडेकर 

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